Book Detail

Zara Yad kro kurbani
Zara Yad kro kurbani

    Paperback : 80 INR

Not Reviewed

Availability: In Stock

Choose Binding Type

Quantity

Check Availability At
सुधी पाठकों इस नाटक द्वारा मैं यह सन्देश देना चाहता हूँ दहेज, भ्रष्टाचार, रिश्वत, मकान पर कब्ज़ा, शहीदों का अपमान व उनकी अवहेलना हमारे भारतीय समाज की क्रूरतम व निंदनीय अवधारणाये व बुराइयाँ है। जो हमारे हृदयों में गहराई तक पनम चुकी है। जिनके परिणाम सवरूप जनमानस में कुंठा, निराशा, शारीरिक व मानसिक दुःख है। इस कारण नौजवान पीढ़ी में धारणा बनती जा रही है कि सफलता पानंे के मंत्र मेहनत व लगन नहीं अपितु धोखेबाजी व जालसाजी है। परन्तु यह सर्वथा सत्य व उचित नहीं है। हो सकता है कोई किसी का मकान कब्जा करके कुछ वर्षों तक सुखी हो जाये या रिवत व जालसाजी से सफलता पा जाये परन्तु ये सब कितना स्थायी, लाभकारी व सुखकर है।

Publisher : Onlinegatha

Edition : 1

Number of Pages : 17

Binding Type : Paperback

Paper Type : Cream Paper(58 GSM)

Language : Hindi

Category : HISTORY & POLITICS

Uploaded On : July 16,2016

Partners : Ebay , ezebee.com , shopclues

श्री विमल कुमार शर्मा जी मेरी कम्पनी के प्रतिष्ठित लेखकों में से है। इनके द्वारा लिखी किताबंे विभिन्न कक्षाओं ठण्।ण्ए ठण्ब्वउए ठण्ैबण् ;डंजीेद्धए ठण्ब्ण्।ण्ए डण्ब्ण्।ण्ए डण्ठण्।ए के छात्र-छात्राओं का भरपूर मार्ग दर्शन कर रही है। ये गणित के अच्छे जानकार है, ये तो मुझे ज्ञात ही था परन्तु कविता-नाटक क्षेत्र में भी पकड़ रखतें है, जानकर बहुत प्रसन्नता हुई। डण्ैबण् ;डंजीेद्धए डण्ब्ण्।ण् जैसी डिग्री रखने वाला व्यक्ति, हिनदी में भी इतना पारंगत है, जानकर थोड़ा आश्चर्य जरूर है। परन्तु माँ सरस्वती के आशीर्वाद से सब कुछ सम्भव है। देश भक्ति व सामाजिक बुराईयों पर लिखा विशेष नाटक ‘‘जरा याद करो कुर्बानी’’ के प्रकाशित होने पर इन्हें बधाई देता हूँ तथा इनके स्वर्णिम भविष्य की कामना करता हूँ।
Compare Prices
Seller
Binding Type
Price
Details
Paperback
170 INR / 2.53 $
Paperback
170 INR / 2.53 $
Paperback
170 INR / 2.53 $
Customer Reviews
  • Give Your Review Now

Paperback : 80 INR

Embed Widget

Submit Your Abstract